बाबा आँगन पधारो

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

बाबा आँगन पधारो , दरबार सजायो थारो ,

करूँ विनती मैं बारम्बार,

म्हाने दर्शन दयो एक बार. . . .

जोत जगाई बैठया म्हे थारी,

बेगा पधारो हे अवतारी॥

थारो नाम धजा बन्द धारी ,

थारी महीमा है नयारी,

करा बैठया म्हे थारी मन वार

म्हाने दर्शन दयो एक बार. . . .

फ़ुला सेज थारी सजाई,

भादुडे री दुज है आईं ॥

आओ आओ हे अवतारी,

आँगन भीड़ लागी है भारी,

बाबा भगता री सुन लयो पुकार,.

म्हाने दर्शन दयो एक बार. . . .

घोड़लीय चड बेगा आओ,

भगता नै बाबा दर्श दिखाओ ॥

थारो "आदिवाल" है गावै ,

महिमा भगता ने सुनावै ,

करो सगला रो बेड़ो पार. . . .

म्हाने दर्शन दयो एक बार.

लेखक व गायक :- रवि आदिवाल

+91-8386854165

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।