मईया बेडा पार लगा दे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मईया बेडा पार लगा दे,

अम्बे रानी आके बेडा पार लगा दे,

महारा भी तू आके बिगड़ा काम बना दे रे,

मईया बेडा पार लगा दे...

प्रीत नाल भुलावा मैया माहरे नाम का,

देखले नजारा हम भी तेरे धाम का,

मैया वान गंगा में तू हमे निहदे री,

मईया बेडा पार लगा दे.....

अर्जी करू माँ मंजूर हमारी दिल में वसा ली है माँ मूरति तुम्हारी,

हठी माथा गरब जून तू हमे दिखदे री,

महारा भी तू आके बिगड़ा काम बना दे रे,

मईया बेडा पार लगा दे...

हमने सुना है माँ तू बड़ी दया वान है,

भक्तो को तू अपने देती वरदान है,

मैया अपने भक्तो का तू मान बड़ा दे री,

महारा भी तू आके बिगड़ा काम बना दे रे,

मईया बेडा पार लगा दे...

धन दौलत ना मांगी महारा इक ही सवाल है,

द्वार पे भुला लो कहता सतपाल है.,

माहरे मन मंदिर में अपनी ज्योत जगा दे री,

महारा भी तू आके बिगड़ा काम बना दे रे,

मईया बेडा पार लगा दे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।