अंजनी के लाल हनुमान बाला जी मेरी नैया लगा दो पार

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अंजनी के लाल हनुमान बाला जी मेरी नैया लगा दो पार,

पवन पुत्र हनुमान बाला जी मेरी नैया लगा दो पार,

भटक रहा हु मैं मारा मारा,

जाऊ बाला जी अब किसके द्वारा,

अरे नैया के बनो पतवार बाला जी मेरी नैया लगा दो पार,

अंजनी के लाल हनुमान बाला जी मेरी नैया लगा दो पार,

बीच भवर में नाव फसी है गहरे कुंड में जाए दसी है,

अरे नैया के बनो पतवार बाला जी, मेरी नैया लगा दो पार,

आज है दर पे भगता आये,

आज से अपने ताली भजाये,

अरे ताली की रखलो लाज बाला जी

मेरी नैया लगा दो पार,.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।