भूत पिचास निकट न आवे

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

भूत पिचास निकट न आवे,

ओ महारो बाला जी बाबा को जब सोटो चाले,

जय बाला जी जय बाला जी,

राम को है सेवक सब को है प्यारो,

दोड़ो चलो आवे जब जब भी पुकारो,

भक्ता के घर में ना टोटो चाले,

महारो बाला जी बाबा को जब सोटो चाले,

जय बाला जी जय बाला जी,

खाली नहीं जावे किसी की भी याहा अर्जी,

इसके भवन चाले भक्ता की मर्जी,

इसी की तू अर्जी को खोटो चाले,

महारो बाला जी बाबा को जब सोटो चाले,

जय बाला जी जय बाला जी,

इस के भवन सब इक बराबर,

शर्मा यकीन ना हो देख लो आकर,

याहा नहीं मोटो और छोटो चाले,

महारो बाला जी बाबा को जब सोटो चाले,

जय बाला जी जय बाला जी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।