मैली चादर ओड के कैसे

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॥ पावन पाठ ॥

मैली चादर ओड के कैसे द्वार तुम्हारे आउ,

हे पावन परमेशवर मेरे मन मन ही मन मुश्काउ,

मैली चादर ओड के कैसे द्वार तुम्हारे आउ,

तूने मुझको जग में भेजा निर्मल देकर काया,

आकर इस संसार में मैंने इस को दाग लगाया,

जन्म जन्म की मैली चादर कैसे दाग छुड़ाउ,

मैली चादर ओड के कैसे द्वार तुम्हारे आउ,

निर्मल वाणी पाकर तुझसे नाम तेरा गाउ,

नैन मूंद कर हे परमेशवर तेरा ध्यान लगाउ,

तुझको इतना पुजू सतगुरु मैं तुझसा हो जाऊ,

मैली चादर ओड के कैसे द्वार तुम्हारे आउ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।