दिल में वसी तस्वीर तेरी

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॥ पावन पाठ ॥

दिल में वसी तस्वीर तेरी तूने लिखी तकदीर मेरी,

भूल के भूल को तुमने गुरु प्रभु चरणों में अस्थान दिया,

दिल में वसी तस्वीर तेरी तूने लिखी तकदीर मेरी,

बिखरा हुआ सा जीवन सा मेरा गमो के भोज तले,

तूने लगाया मुझको गले रखा अपनी छाव तले,

तूने हरी हर पीढ़ मेरी,तूने लिखी तकदीर मेरी,

दिल में वसी तस्वीर तेरी तूने लिखी तकदीर मेरी

हर मुश्किल आसान हुई बिगड़ा हुआ हर काम हुआ,

किया था सब कुछ तूने मगर गुरुवार मेरा नाम हुआ,

प्यार तेरा जागीर मेरी,तूने लिखी तकदीर मेरी,

दिल में वसी तस्वीर तेरी तूने लिखी तकदीर मेरी

जीवन एक पतंग मेरा हाथ में तेरे डोर इसकी,

तूने भूलनदी वो दी मुझे मुझको चाहत थी जिसकी,

हुनर मेरा तासीर तेरी तूने लिखी तकदीर मेरी,

दिल में वसी तस्वीर तेरी तूने लिखी तकदीर मेरी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।