इक तेरा भरोसा इक तेरी आस है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

इक तेरा भरोसा इक तेरी आस है,

तेरे दीवानो को तेरे मस्तानो को तुझपे नाज है,

इक तेरा भरोसा इक तेरी आस है,

चाहे आंधी आये चाहे तूफान आये,

ऐसी हिमत पे हम न घबराये,

नज़रे इनायत तेरी करती हिफाजत मेरी विशवाश है,

इक तेरा भरोसा इक तेरी आस है

करुणा के सागर प्रभु नटवर नागर,

सर्वांग रसीले छलकादे गागर,

तुझमे खो जाऊ मैं तुझमे रम जाऊ मैं जज्बात है,

इक तेरा भरोसा इक तेरी आस है,

दुनिया बतरंगी शब्दों की तंगी,

मुश्किल से मिलते यहाँ सच्चे संगी,

जीवन में रंग भरदे बारिश किरपा की करदे अरदास है,

इक तेरा भरोसा इक तेरी आस है,

दिलदार अनोखे सरकार अनोखे,

यारो के तुम हो प्रभु यार अनोखे,

नंदू क्या कहना दर से न हटना है इकरार है,

इक तेरा भरोसा इक तेरी आस है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।