शिव भोलेया वे लूटी जिन्दगी गमा ने

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव भोलेया वे लूटी जिन्दगी गमा ने,

जिन्दगी कमा ने लूटी जिन्दगी गमा ने,

पहली पौडी गरावजुन ते सिर उल्टा लटकाया,

आठो पहरे शिव भोलेया मैं नाम तेरा ध्याया ,

शिव भोलेया........

दूजी पौडी बाल अवस्था माँ ने लाड़ लडाया,

खेल कूद मे बंदियां तुने कीमती वक़्त गवाया,

शिव भोलेया.........

तीजी पौडी आयी जवानी नारी दे वस होया,

मोह माया विच ऐसा फस्या नाम न तेरा गाया,

शिव भोलेया..........

चोथी पौड़ी आया भुदापा काल बलि ने गेरा,

सारी जिंदगी व्यर्थ गवाई नाम ना धया तेरा,

शिव भोलेया..........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।