सुन ल्यो अर्जा म्हारी

पारंपरिक
विष्णु भगवान भजन विष्णु भजन vishnu
॥ पावन पाठ ॥

सुन ल्यो अर्जा म्हारी॥ ध्जाबन्द धारी

मैं तो आयो हूँ शरण मैं थारी,ध्जाबन्द धारी

उजड़ गया नै बाबा ,अब थे हि बसाओ,

घर गी म्हारी सगली , खुशियां लोटा ओ ॥

म्हाने थारो भरोसो बड़ों भारी, ध्जाबन्द धारी

मैं तो आयो हूँ शरण मैं थारी, ध्जाबन्द धारी

सुन ल्यो अर्जा ..........

जग ओ बेरी बाबा , म्हाने घनो सतायो

दर दर भटकयो बाबा , ना कन गले लगायो ॥

म्हाने सगला हि ठोक र मारी, ध्जाबन्द धारी

मैं तो आयो हूँ शरण मैं थारी , ध्जाबन्द धारी

सुन ल्यो अर्जा ..........

कर दयो किरपा बाबा , दिन असो दिखाओ,

आदिवाल परिवार रा, सब दुखड़ा मिटा ओ,

रवि दुखड़ा मैं उम्र गुजारी, ध्जाबन्द धारी

मैं तो आयो हूँ शरण मैं थारी , ध्जाबन्द धारी

सुन ल्यो अर्जा . . . . . . . .

लेखक व गायक :- रवि आदिवाल +91 -८३८६८५४१६५

संगीत :- मि, रेमो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।