आया दीपावली तोहार के

पारंपरिक
श्री गणेश भजन विविध भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आया दीपावली तोहार के दीपक जलाओ रे,

पहले मंदिर में दीप धरे गे,

लक्ष्मी गणेश जी की पूजा करे गे,

देंगे इक दूजे को उपहार के दीप जगमगाओ रे,

आया दीपावली तोहार के दीपक जलाओ रे,

आज अयोध्या राम जी आये,

सीता माँ को संग में लाये,

किया रावण बलि का संगार,

के उत्सव मनाओ रे,

आया दीपावली तोहार के दीपक जलाओ रे,

खेल खिलोने और पटाके,

गली मोहले हर कोई बांटे,

सजे रंगोलियों से घर द्वार,

के झूमो नाचो गाओ रे,आया दीपावली तोहार के दीपक जलाओ रे,

तीनो लोक में खुशिया शाई,

प्रेम से घर घर भाजे वदाई,

गिरी खुश है सभी नर नार,

के मंगल गाओ रे,

आया दीपावली तोहार के दीपक जलाओ रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।