आज किसने है तुझको पुकारा कान्हा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आज किसने है तुझको सवारा कान्हा,

चाँद धरती पे किसने उतरा कान्हा,

तेरा सवाल सा मुखड़ा ये बांकी अदा,

तेरी चितवन पे कान्हा हुए हम फ़िदा,

हमने रह रह के तुझको निहारा कान्हा,

चाँद धरती पे किसने उतरा कान्हा,

रूप राशि का गहरा समन्दर है तू,

किस जुबा से कहे कितना सूंदर है तू,

चैन दिल से चुराया हमारा कान्हा,

चाँद धरती पे किसने उतरा कान्हा,

तेरे भगतो पे कैसे ये माध होशिया,

होश खो बैठे शाई है मदहोशियाँ,

हर्ष वश में जेया न हमारा कान्हा,

चाँद धरती पे किसने उतरा कान्हा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।