पग घुंघरू बाँध मीरा नाची रे

अनुराधा पौडवाल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पग घुंघरू बाँध मीरा नाची रे,

मैं तो अपने नारायण की आप ही होगी दासी रे,

पग घुंघरू बाँध मीरा नाची रे,

नाम कहे मीरा बये बनवारी,

नन्द कहे कुल दासी रे,

मैं तो अपने नारायण की आप ही हो गई दासी रे,

पग घुंघरू बाँध मीरा नाची रे,

इश्क रंग राना जी खेलेया

इमख देख मीरा हासी रे,

मैं तो अपने नारायण की आप ही हो गई दासी रे,

पग घुंघरू बाँध मीरा नाची रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।