पालकी में हो के सवार देखो जी साईं नाथ आए हैं

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॥ पावन पाठ ॥

पालकी में हो के सवार देखो जी साईं नाथ आए हैं

शिर्डी से हो के तैयार, देखो जी साईं नाथ आए हैं

साईं साईं बोल, साईं साईं बोल

बाबा ने हाथों से जादू दिखाए,

पानी से साईं ने दिए जलाए

दीपो का लेके त्यौहार,

देखो जी साईं नाथ आए हैं

शिर्डी में बाबा ने धूनी रमई

द्वारिका माई ने लौ जगाई

धूलि से करने चमत्कार,

देखो जी साईं नाथ आए हैं

फूलों की पालकी में बाबा जी आए

श्रद्धा सबुरी साथ में लाये

सतरंगी कर दिया संसार,

देखो जी साईं नाथ आए हैं

जाए जिदर से साईं सवारी

भक्तो पे किरपा होती है नयारी

भक्तों को देने अपना प्यार,

देखो जी साईं नाथ आए हैं

बाबा के चरणो में जो सर झुकाए

श्रद्धा से उनकी जो पालकी उठाए

कर देंगे सब का बेडा पार,

देखो जी साईं नाथ आए हैं

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।