अयोध्या चमक रही

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

प्रभु लौटे है लंका जीत अयोध्या चमक रही,

राम जी आये है लंका जी अयोध्या चमक रही,

चमक रही प्रभु चमक रही,

भजो दसो दिशा में संगीत,अयोध्या चमक रही...

झूम रहे सब नगर निवासी शीतल हो गई अखिया प्यासी,

आज पधारे सब सुख राशि,

मिट गई मन की सब उदासी,

दिन गये दुखो में बीत,अयोध्या चमक रही......

जोई सुने सो धावत आवत,

प्रभु दर्शन कर अति सुख पावत,

हिल मिल कर सब नाचत गावत,

घर घर सब ही दीप जलावत,

ऐसी रही प्रभु जी से प्रीत, अयोध्या चमक रही......

छवि अध्भुत अस्कोट बने न,

निरखत प्रभु को नैन हटे न,

अन्जु लखन संग मात जानकी,

देख चकित संग बानर सेना,

गाते जे बी दिविंदर गीत, अयोध्या चमक रही.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।