लक्ष्मी जी आई सपने में

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

लक्ष्मी जी आई सपने में मेरी किस्मत खुलने वाली है,

मैया ने मुझको वचन दिया मेरी लॉटरी लगने वाली है,

लक्ष्मी जी आई सपने में मेरी किस्मत खुलने वाली है,

लक्ष्मी गणेश की मूरत है दीपो से सजी ये थाली है,

घर घर होता लक्ष्मी पूजन ये रात कितनी निराली है,

है धुप सुगंदित फूल भी है मेरे घर भी आज दिवाली है.,

लक्ष्मी जी आई सपने में मेरी किस्मत खुलने वाली है,

श्री धन कुबेर संग धन वनती महाराज का पूजन करना,

श्री राम नाम को जपना है अपना तन मन अर्पित करना,

आरती है करनी मिल जल कर,

हाथो से भजानि ताली है.

लक्ष्मी जी आई सपने में मेरी किस्मत खुलने वाली है,

विष्णु जो के हिर्दय समाई जो कमल है वासनी कहलाती,

यो शक्ति है सारे जग की सुख समृद्धि से नहलाती,

जिस जिस ने धाया माँ लक्ष्मी को कहे जेब मेरी न खाली है,

लक्ष्मी जी आई सपने में मेरी किस्मत खुलने वाली है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।