मेरे श्याम की चौकठ पे भक्तो मने पीहर रोज दिवाली है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम की चौकठ पे भक्तो मने पीहर रोज दिवाली है,

कल ख्याब में मेने देखा है किस्मत ये बदलने वाली है,

परिवार की संग धन तेरस पे खाटू नगरी में जाना है,

या कर के श्याम की चौकठ पे श्रद्धा का द्वीप जलाना है,

इस बार दिवाली तो मेरी कुछ ख़ास ही मन ने वाली है,

कल ख्याब में मेने देखा है किस्मत ये बदलने वाली है,

जब श्याम मिले गए खाटू में और बोले गे जब मुझको,

इस बार दिवाली पर बतला भला कौन सी चीज मैं दू तुम को,

मैं बोलू गा हर मुश्किल को बाबा तुम ने ही टाली है,

कल ख्याब में मेने देखा है किस्मत ये बदलने वाली है,

बाबा की किरपा वैसे तो हर पल मुझपर ही रहती है,

मेरी श्याम की किरपा की गंगा केशव के घर में बहती है,

सब देखे गे शर्मा की अब दुनिया में चलने वाली है,

मेरे श्याम की चौकठ पे भक्तो मने पीहर रोज दिवाली है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।