जे मुख देखा तेरा ता दिन चड्दा मेरा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हाथ जोड़ प्रणाम सतगुरां दा ई,

जीना बक्शेया भक्ति दा दान मैनु।

बड़े भाग्य अज्ज दासी दे आन होए,

गुरु मिले गुणा दी खान मैनु।

भैड़े लोक संसार दे हैं ऐत्थे,

जेह्ड़े निश्ये तो आये गिरान मैनु।

इस दासी दा दिल न तोड़ेओ प्रभु,

लोकी लख्ख पये ज़ोर लगौन मैनु॥

युग युग यह राज अटल होवे,

युग युग यह राज दरबार होवे।

सारे प्रेमिओ प्रेम दे नाल बोलो,

श्री राम दी जय जय कार होवे।

प्यारे श्याम दी जय जय कार होवे॥

जे मुख देखा तेरा ता दिन चड्दा मेरा।

तेरे बाजो सतगुरु मेरे जग विच्च घोर हनेरा॥

सतगुरु तेरी रेहमत दा दस मैं की जिकर करां,

जद तैनू फ़िक्र है मेरी, ता मैं क्यों फ़िक्र करां।

कुछ वी करन दे योग नहीं मैं, सुन लई तरला मेरा,

जे मुख देखा तेरा ता दिन चड्दा मेरा॥

मेरिआ मंगा सतगुरु जी बाकीआ नालो पुठियाँ ने,

मैं ता मैली-गुचैली आ, बाकी रूहां सच्चिआं ने।

मैं खोजी तैनू जान नहीं सकदी, तू लू लू जाने मेरा,

जे मुख देखा तेरा ता दिन चड्दा मेरा॥

ऐसी रेहमत पा देओ झोली लेखा हो जाए पूरा,

लैन देन मेरा इस दुनिया विच रह जाए अधूरा।

तेरी बस इक तेरी हो के चलना बेडा तेरा,

जे मुख देखा तेरा ता दिन चड्दा मेरा॥

माशूक बना के तैनू ते मैं आशिक आप कहौनी आ,

अपने आप नु जान सका ना, केहड़ी राहे जानी आ।

ऐसा अपना नाम जपा दे, तू आशिक हो जाये मेरा,

जे मुख देखा तेरा ता दिन चड्दा मेरा॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।