क्या ले कर के आउ मैं तेरे पास रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

क्या ले कर के आउ मैं तेरे पास रे,

मुझे तुजसे मिली है ये उधार सँवारे,

मेरा सब कुछ बाबा तेरे नाम रे,

बस मुझको बना लो बस तेरा दास रे,

क्या ले कर के आउ मैं तेरे पास रे,

जब पहली दफा तेरा नाम सुना,

श्याम तू तो हारे का सहारा है,

मैं भी हार के आया हु दर पे तेरे,

अब तो तू कह दे हमारा है,

झूठी दुनिया के मोह में ना छोड़ना,

प्रभु मुझसे ना रिश्ता तोडना,

रंग ऐसा चढ़ जाये तेरे नाम का,

रंग अपने ही रंग दिल दार सँवारे,

क्या ले कर के आउ मैं तेरे पास रे,

तेरे दर पे आये है हम सवाली बन के,

लेलो शरण में अपनी सहाई बन के,

जैसे द्रोपत ने तुम को पुकारा प्रभु,

तूने लाज बचाई उसकी भाई बन के,

तेरा नाम सुन कर दौड़ा आया हु,

तेरे चरणों में अर्जी लगाया हु,

तेरा दर छोड़ के न अब जाऊ मैं,

मेरी भी ये है करुण पुकार सँवारे,

क्या ले कर के आउ मैं तेरे पास रे,

विनती है ये बाबा तुमसे मेरी,

मानो या न मानो ये है मर्जी तेरी,

अब करुण नजर को उठाओ प्रभु,

मुझ पे भी हो जाये किरपा तेरी,

तेरे दर से न खाली हम जायेगे,

तेरी चौकठ हम मर जायेगे,

साई राहुल सनी करे ये पुकार रे,

बस एक बार मिलने तू आजा सँवारे,

क्या ले कर के आउ मैं तेरे पास रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।