मोज लगा दी रे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन विष्णु भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आज खुशी ना मन मैं समावै,

म्हारो मन डो नाचै गावै,

दुखां री काली छाया म्हारे घर सु हटा दी रे,

किरपा कर दी बाबो घर मैं मोज लगा दी रे ,

घर घर जागै बानटू मिठाई,

सगला सु मैं तो लेउ बधाई,

म्हारे आँगनीय मैं किलकारि गुंजा दी रे,

किरपा कर दि बाबो घर मैं मोज लगा दी रे,

आज खुशी सु पागल ना हो जाऊँ ,

घनो घनो बाप जी रो सुकर मनाऊ,

जितेजी बाबो म्हाने आ खुशी दिखा दी रे,

किरपा कर दि बाबो घर मैं मोज लगा दी रे,

पुरो परिवार लेर रूणिचे जाऊँ,

हर साल घरे जमो जगाउ,

"आदिवाल" परिवार री बाबो बेल बडा दी रे,

किरपा कर दि बाबो घर मैं मोज लगा दी रे,

लेखक व गायक :-रवि आदिवाल 8386854165

संगीत :- शाइनिंग स्टार स्टूडियो (ऐलनाबाद )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।