बाला जी खुद नाचै

- मदन पंवार रीडमलसर
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सालासर मार्ग मैं भगत जद, डी जे बजावै रे,

बाला जी खुद नाचै सागै सारा भगत नचावै रे,

पदलिया सब दौडया जावै ,

बाला जी रा जयकारा लगावै ,

नाचता कुदता जावै ना मन ओ फ़ुलयो समावै रे,

बाला जी खुद नाचै सागै सारा भगत नचावै रे,

राम गी धुन मैं हो मतवालो,

झुम झुम नाचे माँ अंजलि गो लालो,

भगता सागै बाला जी घनी धुम मचावै रे,

बाला जी खुद नाचै सागै सारा भगत नचावै रे,

कैई नाचै पग बांध घुघरा,

बालाजी लागै घणा फुटरा,

भक्त आपगै बाबै पर बलीहारी जावै रै,

बाला जी खुद नाचै,

विक्की सागै गोपाल भी नाचै,

रोहित जी गो म्युजिक बाजै,

रिड़मलसर गो मदन लिखै , आदिवाल ओ गावै रै,

बालाजी खुद नाचै...

लेखक :- मदन पंवार रीडमलसर

म्यूजिक :- Shining Star स्टूडियो (ऐलनाबाद )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।