तेरा राम जी करेगे वेडा पार उदासी मन

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

तेरा राम जी करेगे वेडा पार उदासी मन,

काहे हो डरे,काहे हो डरे,काहे हो डरे,

नैया तेरी राम हवाले लहर लहर हरी आप सम्बाले,

हरी आप ही उठावे तेरा भार उदासी मन काहे को डरे,

काहे हो डरे,

बोलो राम राम राम बोलो राम राम बोलो राम राम,

काबू में मझधार उसकी के हाथो में पतवार उसीके,

तेरी हर भी नहीं ही तेरी हर उदासी मन काहे को करे,

काहे हो डरे,

सहज किनारा मिल जायेगा परम सहारा मिल जायेगा,

डोरी सौंप के तू देख एक बार उदासी मन काहे को डरे,

काहे हो डरे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।