सांवरे रसिया से हो गयी प्रीत हमारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सांवरे रसिआ से हो गयी प्रीत हमारी

हो गयी प्रीत हमारी सखी रे लागी बहुत प्यारी

१. ये रसिआ मोहे लागे प्यारा

तीन लोग से यह है न्यारा

वृन्दावन में रास रचावे, बस में कुञ्ज बिहारी

सांवरे रसिआ से ...

२ यह रसिआ मेरे सपने में आवे

मीठी मीठी बात सुनावे

जब सखी मैं बोलन लग्गी

खुल गयी नींद हमारी

सांवरे रसिया से ...

३ यह रसिया मेरा माखन चरावे

खुद खावे ग्वालो को खिलावे

माखन खा के नन्द लाला ने

मटकी फोरी हमारी

सांवरे रसिआ से ...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।