ये नाम बड़ा है मस्त मस्त ये नाम बड़ा है मस्त

पारंपरिक
महादेव भजन साईं भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ये नाम बड़ा है मस्त मस्त ये नाम बड़ा है मस्त,

ये जीवन सिमरन में तू ला ले तेरा निकला जा रहा वक़्त वक़्त,

ये नाम बड़ा है मस्त मस्त ये नाम बड़ा है मस्त,

साई नाम में भी वीरान है आता,

शिव से इनका सीधा है नाता मत मस्जिद मंदिर घूम घूम,

तू इनके चरणों में झूम झूम,

अरे फिर मस्ती में झूम झूम तुझे ख़ुशी मिले गी हर वक़्त वक़्त,

ये नाम बड़ा है मस्त मस्त ये नाम बड़ा है मस्त,

साई चरणों में तू अपना ध्यान लगा ले,

जीवन अपना सफल बना ले,

साई है मुकति के धाम धाम तेरे पुरण करदे काम काम,

तू ले साई का नाम नाम,

तेरे संग रहे हर वक़्त वक़्त,

ये नाम बड़ा है मस्त मस्त ये नाम बड़ा है मस्त,

हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सारे,

हर जन जन है उस प्रभु के पराये,

नाम उसके है अनेक अनेक,

पर सब का मालिक एक एक,

अरे सोच समज साई के दर,

तेरा जीवन हो रहा अस्त अस्त,

ये नाम बड़ा है मस्त मस्त ये नाम बड़ा है मस्त,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।