सम्बलपुर मंदिर बन गयो रे खाटू वाला श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सम्बलपुर मंदिर बन गयो रे खाटू वाला श्याम,

खाटू धाम के जैसो बन गयो सम्बलपुर को धाम,

सम्बलपुर मंदिर बन गयो रे खाटू वाला श्याम,

खाटू से चल कर आयो सम्बलपुर द्वार लगायो,

बाबा के हिवड़े बस गयो रे सम्बलपुर को धाम,

मनसा हो गई है पूरी बाबा से इब न दुरी,

महरो सपनो पुरो कर गयो रे खाटू वाला श्याम,

मंदिर बन बनो अनोखो भगता ने लागे चोखो,

सहज धज के बाबाओ जच गयो रे खाटू वाला श्याम

अब रोज ही मिलने होसी,

इनके होते कोई न रोसी,

तेरो श्याम को मनड़ो भर गयो रे खाटू वाला श्याम,

खाटू धाम के जैसो बन गियो सम्बल पुर को धाम,

सम्बलपुर मंदिर बन गयो रे खाटू वाला श्याम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।