जब कोई न हो अपना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

संसार के जीवों पर आशा न किया करना ।

जब कोई न हो अपना शिव नाम जपा करना ॥

जीवन के समुन्दर में तूफान भी आते हैं ।

जो भोले के सहारे है उन्हें वे ही बचाते हैं ।

भगवान भी कहते हैं जीवों पे दया करना ॥

दावा न जमा लेना ये देश बेगाना है ।

मानव का ये चोला है फिर से नहीं पाना है

यूं ही न गवां देना हरि नाम जपा करना ॥

हे मन तू दुख में मत रो भोले तो दूर नहीं ।

भक्तों का दुःखी होना प्रभु को मंजूर नहीं ।

वो आप ही आयेगें तुम याद किया करना ॥

तुम याद करो दिल से दुःख दरद मिटा देंगे ।

सच्चा जो प्रेमी होगा प्रभु खुद ही दरश देंगे ।

नि:स्वार्थ भाव से तुम बस याद किया करना ॥

जब जब दुःख के बादल आये मंडरा करके ।

तुम भूल नहीं जाना भोले को दुःख पा करके ।

दुःख वो आप मिटायेंगे तुम याद किया करना ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।