साई के दर पे आकर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

साई के दर पे आकर,कमली बना दीवाना,

साई राम साई श्याम,

गुरुवार कहे ज़माना,

साई के दर पे आकर,कमली बना दीवाना,

तू जगाने जग को आया,

एह बताने जग को आया,

एक ही है सब का मालिक शिरडी बना ठिकाना,

साई के दर पे आकर,कमली बना दीवाना,

तू है देव वरकतो का इक सहारा भक्तो का,

आये न गम का योका साई संध्या में आना,

साई के दर पे आकर,कमली बना दीवाना,

कुछ चाहिए कभी तो तेरे और देखता हु,

मेरे मांगे से पहले मिल जाये साई दाना,

साई के दर पे आकर,कमली बना दीवाना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।