भजन दिन रात करू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

भजन दिन रात करू ऋ,

मुझे फिर भी ना मिले भगवान,

सने री बागो में भगवान

बागो की मालिन मई बानी ऋ

मुझे फिर भी ना मिले भगवान

बागो की मालिन मई बानी ऋ

मुझे फिर भी ना मिले भगवान...

सने री महलो में भगवान

महलो की दासी मई बानी मुझे फिर भी ना मिले भगवान

भजन दिन रात करू ऋ,

मुझे फिर भी ना मिले भगवान,

साखि रे मंदिर में भगवान

मंदिर की पूजा मैन की मुझे फिर भी ना मिले भगवान

भजन दिन रात करू ऋ,

मुझे फिर भी ना मिले भगवान,

गोरी गोरी श्री राधी

रास में भोरि श्री राधी

नवल किशोरी श्री राधी

फूल कटोरि श्री राधी

फूल कटोरि श्री राधी

रास में भोरि श्री राधी

ब्रिज की छोरी श्री राधी

बराज की छोरी श्री राधी

ब्रिज की छोरी श्री राधी

बराज की छोरी श्री राधी

जाके ब्रज मे

जाके ब्रज में

जाके ब्रज में डेरा जमाले

तो श्याम तोहे मिल जाएंगे

जाके ब्रज में डेरा जमाले

तो श्याम तोहे मिल जाएंगे

राधे राधे की रतन तू लगाले

तो श्याम तोहे मिल जाएंगे

राधे राधे की रतन तू लगाले

तो श्याम तोहे मिल जायेंगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।