आजा हनुमान प्यारे व्याकुल है रघुवीरा

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

आजा हनुमान प्यारे व्याकुल है रघुवीरा,

मुरशति लखन जी हुए,

कैसी विपदा आई रे,

भुटी जल्दी तुम लाओ हनुमत गोसाई,

हॉवे न अब सवेरा.

आजा हनुमान प्यारे व्याकुल है रघुवीरा

भीगे श्री राम के नैना,

रोये सब सेना,

बोले बजरंग प्रभु से सुख सभी से रहना रे,

दूर मैं करू गा पीड़ा,

आजा हनुमान प्यारे व्याकुल है रघुवीरा,

तेज गति से उड़ गए द्रोण गिरी आये,

भूटी समज ना आये पर्वत ही लाये हो,

तुम हो बलबीरा,

आजा हनुमान प्यारे व्याकुल है रघुवीरा

लक्ष्मण जी के परान बचाये,

राम हरषाये हो,

प्यारे भगत राम जी के आप ही कहलाये हो,

जय जय महावीरा

आजा हनुमान प्यारे व्याकुल है रघुवीरा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।