सँवारे तू वाधा कर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तुम से ही उम्मीद मेरी,तू ही सच्चा यारा है,

तेरा साथ प्रभु मुझको हर साथ से प्यारा है,

बस इतना ही मुझे कहना है तेरे चरणों में ही रहना है,

सँवारे तू वाधा कर,

मेरा हाथ ना छोड़े गा तू मेरा है मैं तेरा कभी साथ न छोड़े गा,

तुम से ही उम्मीद मेरी,तू ही सच्चा यारा है,

उस ताल में नाचू गा जिस ताल में नचाये तू,

उस हाल में रहलऊंगा जिस हाल में रखे तू,

तेरे हाथ ये डोरी है प्रभु गम कठपुलती है,

तेरे बिन जीवन मेरा जैसे जल बिन मशली है,

बस इतना ही मुझे कहना है तेरे चरणों में ही रहना है,

सँवारे तू वाधा कर,

मेरा हाथ ना छोड़े गा तू मेरा है मैं तेरा कभी साथ न छोड़े गा,

तेरे साथ बिना प्यारे कुछ कर नहीं पाउगा,

अगर रूठ गया तू मैं मर जाऊ गा,

मेरे जीवन की बाबा इतनी सी हकीकत है,

सांसो से भी जयदा मुझे तेरी जरूरत है,

बस इतना ही मुझे कहना है तेरे चरणों में ही रहना है,

सँवारे तू वाधा कर,

मेरा हाथ ना छोड़े गा तू मेरा है मैं तेरा कभी साथ न छोड़े गा,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।