श्री गुरुचरण कमल सुखदाई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्री गुरुचरण कमल सुखदाई,

परम पुनीत पावन गुरु चरण,

गुरु चरणों से रहो लगन लगाई,

श्री गुरुचरण कमल सुखदाई,

गुरु सर्वगाये गुरु अंतरयामी,

जगत गुरु भरमनड को स्वामी,

गुरु बिन विरथा जीवन जाये,

गति मति सब सुधर न पाई,

श्री गुरुचरण कमल सुखदाई,

राम कृष्ण गुरु चरण पखारे,

ध्रुव प्रलाह्द चमके बन तारे,

देव ऋषि गुरु नारद धारियों,

भरम न किहना काई,

श्री गुरुचरण कमल सुखदाई,

मधुप गुरु हरी मिलन करावे,

भव सिंधु से पार से लगावे,

गुरु मंतर गुरु वाकये अनूठा,

गुरु मूरत रहो ध्यान लगाई,

श्री गुरुचरण कमल सुखदाई,

जय जय श्यामा जय जय श्याम,

जय जय श्री वृद्धावन धाम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।