खाटू चली खाटू चली देखो खाटू चली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू चली खाटू चली देखो खाटू चली,

छुक छुक रेल देखो खाटू चली,

बिज़नेस को छोड़ लेकर ऑफिस से लीव,

आये प्रेमी बाबा पे कर के बलीवे,

खाटू चली खाटू चली देखो खाटू चली,

छुक छुक रेल देखो खाटू चली,

चाहे हो सन लाइट चाहे हो रेन,

झूमे नाचे गाये प्रेमी इन दा ट्रैन,

खाटू चली खाटू चली देखो खाटू चली,

छुक छुक रेल देखो खाटू चली,

खाटू का रास्ता यु तो लगता है लॉन्ग,

कट जाए जल्दी सुन के बाबा के सोंग,

खाटू चली खाटू चली देखो खाटू चली,

छुक छुक रेल देखो खाटू चली,

आये तुझसे मिलने को तेरे डिअर,

रखलो बाबा मीतू को अपने नीयर

खाटू चली खाटू चली देखो खाटू चली,

छुक छुक रेल देखो खाटू चली,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।