आज मंगलवार है सजा तेरा दरबार है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आज मंगलवार है सजा तेरा दरबार है

आजा शेरावालिये माँ तेरा इन्जार है

दुरो दुरो संगता आईया माँ नु इस्नान कराने नु

इस्नान कराले माँ चरनी लगाले माँ

आजा शेरावालिये माँ तेरा इन्जार है

आज........

दुरो दुरो संगता आईया माँ नु तिलक लगाने नु

तिलक लगाले माँ चरनी लगाले माँ

आजा शेरावालिये माँ तेरा इन्जार है

आज.......

दुरो दुरो संगता आईया माँ नु ज्योत जगाने नु

ज्योत जगाले माँ चरनी लगाले माँ

आजा शेरावालिये माँ तेरा इन्जार है

आज..........

दुरो दुरो संगता आईया माँ नु भोग लगाने नु

भोग लगाले माँ चरनी लगाले माँ

आजा शेरावालिये माँ तेरा इन्जार है

आज........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।