माँ अम्बा जगदमा माँ काली शक्तिशाली

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ अम्बा जगदमा माँ काली शक्तिशाली,

देवी दयालु दुर्गा किरपालु माँ मुरदे पूरी करदे बैठा है सवाली,

माँ अम्बा जगदमा माँ काली शक्तिशाली,

दर्द कितने मिले मैया,कष्ट कितने सहे,

शरण में तेरी मैं आया भवानी,

आगे तेरे हवाले,

माँ अम्बा जगदमा माँ काली शक्तिशाली,

करती सबपे दया माँ इक तू ही आसरा,

मेरी भी लाज रखदे भवानी हे आंबे महारानी,

माँ अम्बा जगदमा माँ काली शक्तिशाली,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।