कोई लोड नई बॉडी गाड़ा दी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

पई आद्दत तेरे लाडा दी,

कोई लोड नई बॉडी गाड़ा दी,

मैनु खबर मेरी औकात दी,

मैं ना कोई राजा न कोई नेता ना कोई अभिनेता,

फ्लिमा दे विच तू ही कवाया तेरा शुक्र बस कहंदा,

बड़ी किरपा मेरे दाता दी,

कोई लोड नई बॉडी गाड़ा दी,

पहले लोका नु कहन्दे साहनु जगराते दिलवाओ,

फिर बोडीगाड़ इस भीड़ नु दूर भजाओ,

थोड़ी कदर करो जज्बात दी,

कोई लोड नई बॉडी गाड़ा दी,

मालिक मेरे ध्यानु तेरा किसे कोलो नहीं दरदा,

कोई स्टेज ते आके मारे मैनु कोई इसा कम नहीं करदा,

नाम खिचड़ी बनावा गला बाता दी,

कोई लोड नई बॉडी गाड़ा दी,

मान साब बाबा जी वरगे कदे कदे ने जम दे,

कई स्टेज ते आके बकरे वंगु मैं मैं करदे,

फिर नींदर उड़ दी रात दी,

कोई लोड नई बॉडी गाड़ा दी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।