बेगा तो पधारो गजानंद

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

बेगा तो पधारो गजानंद माहरे आंगणा,

हो गजानंद माहरे आंगणा,

हो दाता आवो पावणा हो दाता आवो पावणा,

कीर्तन की रात है आई भक्तो में मस्ती चाही,

पृथमे गणराज मनाओ भक्ति में धूम मचाओ,

नाचो गावो सब को नचाओ भक्ति के रंग में धूम मचाओ,

देख सारे भक्त खड़े है।तू भी आवणा हो गजानंद तू भी आवणा,

हो दाता आवो पावणा,

बेगा तो पधारो....

भक्तो का प्रेम समझ के आया हु तुझसे मिलने,

फिरू में तेरे पीछे तू गणराज न जाने,

विनती सुनले तू भक्तो की। अर्जी सुनले तू भक्तो की,

पास आया हु में तेरे तू भी आवणा हो गजानंद तू भी आवणा,

हो दाता आवो पावणा,

बेगा तो पधारो गजानंद....

सुनले जरा ओ मेरे बाबा भक्ति की प्यास बुझादे,

हर दम तेरी लगन लगी है आशा के दिप जलादे,

संग संग तेरे भक्त पुकारे अर्जी सुनले सांझ सखा रे,

देख सारे भक्त खड़े है तू भी आवणा हो गजानंद तू भी आवणा,

हो दाता आवो पावणा,

बेगा तो पधारो गजानंद......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।