बजरंग दया करके

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बजरंग दया करके मुझको अपना लेना,

मैं शरण पड़ा तेरी चरणों में जगह देना॥

करुणानिधि नाम तेरा करुणा दिखलाओ तुम,

सोये हुए भावों को हे नाथ जगाओ तुम,

मेरी नाव भवर डोले उस पार लगा देना,

तुम सुख के सागर हो निर्धन के सहारे हो,

इस तन में समाये हो प्राणों से प्यारे हो,

नित माला जपूं तेरी मुझको ना भुला देना,

पापी हूं या कपटी हूं जैसा भी हूं तेरा हूं,

घर बार छोड़ कर मैं जीवन से खेला हूं,

दुख का मैं मारा हूं दुख दरद मिटा देना,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।