हमारा प्रणाम है

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हमारा प्रणाम है , हमारा प्रणाम है ।

राम जिनका नाम है अयोध्या जिनका धाम है ।

ऐसे धनुर्धारी को हमारा प्रणाम है ।

कृष्ण जिनका नाम है मथुरा जिनका धाम है ।

ऐसे मुरली बजैया को हमारा प्रणाम है ।

शिव शंकर जिनका नाम है कैलाश जिनका धाम है ।

ऐसे डमरू बजैया को हमारा प्रणाम है ।

विष्णु जिनका नाम है क्षीर सागर जिनका धाम है ।

ऐसे चक्रधारी को हमारा प्रणाम है ।

काली जिनका नाम है कलकत्ता जिनका धाम है ।

ऐसी खप्पर वाली को हमारा प्रणाम है ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।