जग का पालनहार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जग का पालनहार,

जग का पालनहार, सेठ सांवरिया हमारा है,

वो हारे का सहारा है,

जग का पालनहार.....

मान न देखे, अपमान न देखे, ये भूखा प्यार का,

दुनिया से है न्यारा, जलवा बड़ा प्यारा, श्याम सरकार का,

मन को हर लेता,

मन को हर लेता, खाटू धाम का नजारा है...

वो हारे का सहारा है...

जग का पालनहार.....

हार आया जो, लाचार आया जो, सहारा दे दिया,

डूबती नैया, बाबा को जब सौंपी, किनारा दे दिया,

तभी तो घर घर में,

तभी तो घर घर में, गूंजे श्याम का जयकारा है,

वो हारे का सहारा है,

जग का पालनहार.....

जोड़ ले यारी, होगी नहीं हारी, तू बन जा श्याम का,

ये तेरा जीवन, धनश्याम प्यारे बिन, बता किस काम का,

तुझे भी तारेगा,

तुझे भी तारेगा, इसने लाखों को उबारा है,

ये हारे का सहारा है,

जग का पालनहार.....

टेरता पागल, मिलता नहीं साहिल, ये कश्ती थाम ले,

जीता है बृजवासी, संसार में हर पल, किशन तेरा नाम ले,

आज भक्तों ने,

आज भक्तों ने, तुम्हारे दर पे डेरा डाला है,

वो हारे का सहारा है,

जग का पालनहार,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।