पल पल आठो याम हिचकी आवे रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पल पल आठो याम हिचकी आवे रे,

इतना बता दे याद करे या याद तू आवे रे,

कुछ तो है बात तुझमे,

तुझपे ये दिल फ़िदा है ,

चंचल है तेरी चितवन बांकी तेरी अदा है,

तेरा जादू सिर चढ़ बोले दुनिया की न अब परवाह रे,

काम धाम अब तो श्याम कुछ न भावे रे,

इतना बता दे याद करे या याद तू आवे रे,

पल पल आठो याम हिचकी आवे रे,

आशिक बना दिया है हम पे चढ़ी खुमारी,

पागल की जैसी हालत कुछ तो हुई बिमारी,

खाटू नगरी भाग के आउ मन में दूजा न कोई चाह रे,

रात दिन सुबहो शाम जी भरमा वे रे,

इतना बता दे याद करे या याद तू आवे रे,

पल पल आठो याम हिचकी आवे रे,

तुझको भी याद मेरी आती है क्या बता दे,

मिलने मोहित से आजा या फिर तेरा पता दे,

हम को तेरी याद सातवे होठो पे बस तेरा नाम,

लोक लाज साज बाज फीका लागे रे,

इतना बता दे याद करे या याद तू आवे रे,

पल पल आठो याम हिचकी आवे रे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।