तेरी याद में रोते है

कुमार विशु
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी याद में रोते है जग ते है न सोते है,

उल्फत में तेरी मोहन दामन को भिगोते है,

तेरी याद में रोते है....

ये कैसी उल्फत है कुछ समज नही आवे,

प्रीतम को मेरे मुझ पर कोई तरस नहीं आवे,

ये कैसी अवस्था है क्या प्रीत के गोते है,

उल्फत में तेरी मोहन दामन को भिगोते है,

तेरी याद में रोते है....

अगर प्रीत है ये मोहन ये प्रीत अजुभि है,

प्रेमी को रुलाना ही क्या प्रीत की खुभी है,

हम प्रीत के मारे जीते न मरते है,

उल्फत में तेरी मोहन दामन को भिगोते है,

तेरी याद में रोते है....

करुणा के सागर हो करुणा तो दिखलाओ,

हम हार गए मोहन इतना तो न अजमाओ,

नंदू नीले प्यारे अरमान सी सख्ते है,

उल्फत में तेरी मोहन दामन को भिगोते है,

तेरी याद में रोते है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।