खाटू वाला है हम जैसे दीनो का अधार

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

खाटू वाला है हम जैसे दीनो का अधार,

आंसू आँखों के पौंछे करता है प्यार,

चलते चलते जब गिर जाता हु बांह पकड़ कर मुझे उठता है,

मेरा हो कर क्यों गबराते है ऐसा कह कर धीर बांधता है,

अपनों से जयदा चिंता करता दुलार,

खाटू वाला है हम जैसे दीनो का अधार,

दुखियो के दुःख करता है ये दूर प्यार लुटाता प्रेमी पे भरपूर,

हार भक्त की इनको न मंजूर इसी लिए है दुनिया में मशहूर,

हारे का साथी बन के नैया का माझी बन के करता उधार,

खाटू वाला है हम जैसे दीनो का अधार

जब से श्याम ने थामा मेरा हाथ कोई न रहता ये रहता है साथ,

जीवन में खुशिया ही खुशियां है बन जाती है बिगड़ी हुई हर बात,

मोहित इस जग की अब न मुझको दरकार,

खाटू वाला है हम जैसे दीनो का अधार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।