हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में

संजय मित्तल
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में,

मिलती है तन्खा मुझे बारश में,

दो दिन के बदले में तीस दिनों तक मौज करू,

अपने ठाकुर की सेवा भजनो से रोज करू,

रहता है तू सदा भक्तो के वश में,

हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में,

दो आंसू जब बह जाते है चरणों में तेरे,

करता है घर की रखवाली जा कर तू घर मेरे,

झूठी ना खता हु दर पे मैं कस्मे,

हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में

दुनिया की हर मौजे छूटे ग्यारस न छूटे,

श्याम के संग हर बार तेरे दर की मस्ती लुटे,

मिल गया तू मुझे भजनो के रस्मे,

हाज़री लिखवाता हूँ हर ग्यारस में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।