साँवरे तू नहीं तो कुछ भी नहीं मेरी ज़िंदगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ मेरे सँवारे तू मिला है मुझे तू नहीं तो कुछ नहीं है मेरी ज़िंदगी,

हर पल सांसो में तू है तुझसे मेरी पहचान,

तूने ही कदम कदम पे मुझपे किया एहसान,

तुजपे वार दू मैं मेरी ज़िंदगी,

ओ मेरे सँवारे तू मिला है मुझे तू नहीं तो कुछ नहीं है मेरी ज़िंदगी,

दुनिया के सारी खुशिया तो तेरे चरणों में मिले,

तेरी रेहमत के हुए है जब से शुरू सिलसिले,

तेरी वहज से है हसी मेरी ज़िंदगी,

ओ मेरे सँवारे तू मिला है मुझे तू नहीं तो कुछ नहीं है मेरी ज़िंदगी,

अपना ये प्रेम का नाता जनम जनम नहीं टूटे,

विनती करे चोखानी हम से कभी न तू रूठे,

तेरी बंदगी में है मेरी ज़िंदगी,

ओ मेरे सँवारे तू मिला है मुझे तू नहीं तो कुछ नहीं है मेरी ज़िंदगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।