मैं ता ज्योत जगाओ सारी रात

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कब से खड़े है दर पे माँ अब तो दर्श दिखा दे,

धन दौलत न मांगू तुझसे माँ,

अब तो दर्श दिखा दे,

मैं ता ज्योत जगाओ सारी रात,

मैया जी मुझे दर्शन देदे,

तेरी पूजा करू गा सारी रात मैया जी मुझे दर्शन देदे,

तेरे दर्श को माँ आस लगाई है,

भक्तो की टोलियां माँ दर्शन को आई है,

भगतो की टोलियां कब से खड़ी है दर पे माँ,

अब तो दर्श दिखा दे,

तेरे दर्श को माँ आस लगाई है,

भक्तो की टोलियां माँ दर्शन को आई है,

माता नजरे तो खोल एक बार,

मैया जी मुझे दर्शन देदे...

भवनों में आंबे मैया आप विराजी है,

ढोल शहनाई सारी दुनिया में बाजी है,

तेरी पूजा की थाली लेकर खड़े है माँ,

आरती करे सारी रात,

भवनों में आंबे मैया आप विराजी है,

ढोल शहनाई सारी दुनिया में बाजी है,

मैया अखियां निहारे तेरा द्वार,

मैया जी मुझे दर्शन देदे...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।