जिसके पीछे पीछे घूमे जग सारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जिसके पीछे पीछे घूमे जग सारा के वो भी तेरे दर झुकता,

जिसके पीछे पीछे नाचे जग सारा के वो भी तेरे दर आगे नाच ता,

जिसके आगे आगे नाचे जग सारा.....

मनसा सुर जैसे पापी आये है दर से जिसने सारे देवता भगाये है,

देवता भगये माँ देवता भगाये है,

जिस से थर थर कांपे जग सारा वो भी तुमसे है डरता,

जिसके पीछे पीछे घूमे जग सारा के वो भी तेरे दर झुकता,

काया विमान में लत भर जो आया है,

माया सोने का छतर चढ़ाया है,

माँ छतर हुआ है जब काल,

देख महिमा तेरी सिर झुकता,

जिसके पीछे पीछे घूमे जग सारा के वो भी तेरे दर झुकता,

ब्रह्मा विष्णु माँ तुझमे माँ समाये है,

मार भगाये जो भी आके टकराये है,

जोली भजन गायेगा तेरे माता,

मोनी भगति में नाच ता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।