झण्डिया वालिये नि माइये साहनु तार देवी माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

झण्डिया वालिये नि माइये साहनु तार देवी माँ,

दिल्ली वालिये नि माये साहनु तार देवी माँ,

तार देवी माँ भाग सवार देवी माँ,

झण्डिया वालिये नि माइये साहनु तार देवी माँ,

खड्या सवाली माँ आज तेरे द्वार ते खाली ना तू मोड़ी तू आके दीदार दे,

दर ते आये बच्चियां नु जग ते सताए बच्चियां नु अपना प्यार देवी माँ,

झण्डिया वालिये नि माइये साहनु तार देवी माँ,

ओह भी तर जान जिह्ना दर्शन किते माँ,

नाम दे प्याले माँ जिह्ना अखियां ने पीते माँ,

अखा साडिया लागियां ने तांगा तेरियां रखियां ने,

आ दीदार देवी माँ,

झण्डिया वालिये नि माइये साहनु तार देवी माँ,

पौना वाली दे दर लाल झंडे झुल्दे,

दुखियाँ गरीबा से नसीब इथे खुल्दे,

माहि दर ते आया तेरे एह्दे पार लगा दी वेहड़े,

अपना प्यार देवी माँ,

झण्डिया वालिये नि माइये साहनु तार देवी माँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।