मीठी-मीठी मेरे सांवरे की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मीठी-मीठी मेरे सांवरे की....

मीठी-मीठी मेरे सांवरे की मुरली बाजै.... मीठी मुरली बाजै....

होकर श्याम की दीवानी राधा-रानी नाचै ॥,

मीठी-मीठी मेरे सांवरे की मुरली बाजै.... प्यारी बंसी बाजै....

होकर श्याम की दीवानी राधा-रानी नाचै ॥,

छोटो सो कन्हैयों मेरो बांशुरी बजावै ॥,

यमुना की नारी देखो रास-रचावै,

पकड़ी राधे जी की बईयां....

पकड़ी राधे जी की बईयां, देखो घुमर-घाले,

हो... देखो घुमर-घाले,

होकर श्याम की दीवानी राधा-रानी नाचै ॥,

मीठी-मीठी मेरे सांवरे की मुरली बाजै... प्यारी बंसी बाजै...

होकर श्याम की दीवानी राधा-रानी नाचै ॥,

छम-छम बाजे देखो राधे की पैजनियाँ ॥,

नाचे रे कन्हैयों मेरो छोड़ के मुरलियां ॥,

राधे संग में नैन लड़ावे....

राधे संग में नैन लड़ावे, नाचै सागे-सागे,

हो... नाचै सागे-सागे,

होकर श्याम की दीवानी राधा-रानी नाचै ॥,

मीठी-मीठी मेरे सांवरे की मुरली बाजै... प्यारी बंसी बाजै...

होकर श्याम की दीवानी राधा-रानी नाचै ॥,

प्यारी-प्यारी लागे देखो जोड़ी राधे-श्याम की ॥,

शान है या जान है या देखो सारे गाँव की ॥,

राधे-श्याम की जोड़ी ने....

राधे-श्याम की जोड़ी ने, हिबड़े माहि राखै,

हो... हिबड़े माहि राखै,

होकर श्याम की दीवानी राधा-रानी नाचै ॥,

मीठी-मीठी मेरे सांवरे की मुरली बाजै... प्यारी बंसी बाजै...

होकर श्याम की दीवानी राधा-रानी नाचै ॥

बाजे रे मुरलियां देखो बाजे रे पैजनियाँ ॥,

भगतां ने बनाले तेरे गाँव की गुजरियां ॥

हो करदे बनवारी यों काम....

हां करदे बनवारी यों काम, तेरो कांई लागै,

हो... तेरो कांई लागै,

होकर श्याम की दीवानी राधा-रानी नाचै ॥,

मीठी-मीठी मेरे सांवरे की मुरली बाजै... प्यारी बंसी बाजै...

होकर श्याम की दीवानी राधा-रानी नाचै ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।