आज गुरुवार है साईं जी का वार है

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॥ पावन पाठ ॥

आज गुरूवार है साईं तेरा वार है,

सचे दिल से जो कोई आवे उस का बेडा पार,

आज गुरूवार है साईं तेरा वार है

आज के दिन जो भी कोई दर्शन तेरे पाता है,

दुःख उसके सब मिट जाते है भाव सागर तर जाता है,

श्रधा की बर्मार है सबुरी भी अपार है,

सच्चे दिल से जो कोई आवे उसका बेडा पार है,

आज गुरूवार है....

आज सुबह से ही बाबा की सजती प्यारी झांकी है,

दर्शनों की खातिर देखो आये नर और नारी है,

घंटी की आवाज है भगतो की कतार है,

सच्चे दिल से जो कोई आवे उसका बेडा पार है,

आज गुरूवार है....

बाबा की है बात निराली जो मांगे वो पाता है,

जिसने देखे जलवे तेरे उम्र सारी गुण गाता है,

तू ही जानी जान है महिमा अप्रम पार है,

सच्चे मन से जो कोई आवे उसका बेडा पार है,

आज गुरूवार है....

हार फिकरी साईं को किस्मत वाले पाते है,

वही है आता दर पे जिसको साईं जी भूलाते है,

साईं मेरे साथ है किस बात की दरकार है,

सच्चे दिल से जो कोई आवे उसका बेडा पार है,

आज गुरूवार है....

आया हु मैं दर पे तेरे बात समज में आई है,

यु ही नही ये सारी दुनिया भीड़ बन के आई है,

जय कारो की पुकार है सच्चा ये दरबार,

सच्चे दिल से जो कोई आवे उसका बेडा पार है,

आज गुरूवार है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।