उनके है राधारमण

सौरव,गर्ष फगवाड़ा
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

है जिनका कोई नही उनके है उनके है राधारमण,

वो खुशनसीब है जिनकी लागी इनसे लग्न उनके है राधारमण,

तुम्हारे नाम का अमृत है जिनके होंठो पे,

त्रिताप जवाला की उनको कभी छुए न जलन,

है जिनका कोई नही उनके है उनके है राधारमण.....

तुम्हारे रूप के जादू से बच न पाए कोई,

उतर आँखों से हँसके चुरा ले जाते हो मन,

है जिनका कोई नही उनके है उनके है राधारमण.....

भरोसा लेके जो चलते है तुम्हारी राहों में,

न होता उनका पतन बस्ता है वो वृन्दाविपिन,

है जिनका कोई नही उनके है उनके है राधारमण.....

शब्द : श्री रमण जी

गायक : सौरव,गर्ष फगवाड़ा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।