सालासर वाले बाबा वीर हनुमाना

आनन्दी लाल "कुमार आनन्द"
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सालासर वाले बाबा वीर हनुमाना,

नाव मझधार बाबा पार लगाना,

संकट मोचन नाम है थारो, बिगङी बात बनाना,

सालासर वाले बाबा वीर हनुमाना .....

सालासर मे धाम था रो,च्यार कुंट पुजवावै,

जो भी दर पे आवै बाबा, मन इच्छा फल पा वै,

म्है भी सुनकर आया बाबा दर्श दिखाना,

नाव मझधार बाबा पार लगाना ......

शिव के रूद्र कहाने वाले,राम का काज सवाया,

माँ सिता की खोज करी और लक्ष्मण प्राण बचाया,

अजब अनोखा काम तेरा लंका को जलाना,

नाव मझधार बाबा पार लगाना ....

माँ अंजनी के लाल सुणल्यो, पवन कुमारा ,

बैठ सभा मे गांवा बाबा भजन तुम्हारा,

कलम चले आनन्द की बाबा,गावै सुनील बुढाना,

नाव मझधार बाबा पार लगाना .......

लेखक - आनन्दी लाल "कुमार आनन्द"

(डाबङी धीर सिंह )

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।